संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रो. अश्विनी महाजन की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
‘स्वदेशी अपनाएं–स्वावलंबी भारत बनाएं‘ के संकल्प के साथ जुटे प्रदेशभर के कार्यकर्ता
अंबिकापुर (सरगुजा)।
भारत को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के संकल्प के साथ अंबिकापुर में स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में प्रांतीय विचार वर्ग एवं कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। इस गरिमामयी आयोजन में छत्तीसगढ़ के सभी संभागों से आए प्रमुख कार्यकर्ता, केंद्रीय व क्षेत्रीय पदाधिकारी और सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के तैलचित्र पर पुष्पांजलि, माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, मुख्य वक्ता प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रो. अश्विनी महाजन, विधायक मान प्रबोध मिंज, क्षेत्रीय संयोजक श्री सुधीर दाते और प्रांत संयोजक श्री जगदीश पटेल उपस्थित रहे।
स्वदेशी केवल अर्थनीति नहीं, राष्ट्र का पुनर्जागरण: सुधीर दाते
उद्घाटन सत्र में स्वागत भाषण देते हुए प्रांत संयोजक जगदीश पटेल ने देश के विकास के लिए स्थानीय उद्यमिता और स्वदेशी चिंतन को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया। वहीं क्षेत्रीय संयोजक सुधीर दाते ने संगठन के वैचारिक आधार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वदेशी सिर्फ एक आर्थिक अवधारणा नहीं है, बल्कि यह देश के सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम है।
‘वोकल फॉर लोकल’ से ही भारत बनेगा विश्व का नेतृत्वकर्ता: मंत्री राजेश अग्रवाल
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर और पर्यावरण संरक्षण के साथ संसाधनों का सही उपयोग करके ही हम भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना सकते हैं।
युवा शक्ति और नवाचार से बदलेगी देश की तस्वीर: प्रो. अश्विनी महाजन
देश के जाने-माने अर्थशास्त्री प्रो. अश्विनी महाजन ने अपने मुख्य वक्तव्य में वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और भारत की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने जोर देकर कहा:
भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी और विशाल बाजार है। यदि हम स्थानीय उत्पादन, कौशल विकास और नवाचार (Innovation) को प्राथमिकता दें, तो विदेशी निर्भरता खत्म होगी और भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की ओर कदम बढ़ाएगा।”


