रायपुर (छत्तीसगढ़)। राजधानी रायपुर के सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरस्वती विहार की प्राचार्य श्रीमती उत्तरा वर्मा के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शातिर साइबर अपराधियों ने कॉल फॉरवर्डिंग तकनीक का सहारा लेकर प्राचार्य के व्हाट्सएप खाते का नियंत्रण हासिल कर लिया और उनके परिचितों व रिश्तेदारों से ₹45,000 ऐंठ लिए।ऐसे रची गई ठगी की साजिशघटना शुक्रवार (24 जुलाई 2026) की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठगों ने प्राचार्य को फोन कर दावा किया कि विद्यालय के लिए कुछ सामान की डिलीवरी आई है, लेकिन डिलीवरी बॉय रास्ता भटक गया है। जालसाजों ने उन्हें एक संपर्क नंबर (7033889121) दिया।जब उस नंबर पर सीधे कॉल नहीं लगी, तब ठगों ने प्राचार्य को झांसे में लेते हुए अपने फोन से *21*7033889121# डायल करने का निर्देश दिया।कॉल फॉरवर्डिंग और व्हाट्सएप का टेकओवरजैसे ही यह कोड डायल किया गया, प्राचार्य के मोबाइल की अनकंडीशनल कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय हो गई। इसके बाद ठगों ने उनके नंबर से व्हाट्सएप लॉगिन करने का प्रयास किया और कॉल के जरिए आने वाले वेरिफिकेशन ओटीपी (OTP) को अपने पास फॉरवर्ड करवा लिया।व्हाट्सएप का नियंत्रण पाते ही अपराधियों ने प्राचार्य के प्रोफाइल से उनके रिश्तेदारों, परिचितों और विद्यालय स्टाफ को तत्काल वित्तीय सहायता की मांग करते हुए आपातकालीन संदेश भेजना शुरू कर दिया।तीन लोगों ने भेजे कुल ₹45,000प्राचार्य के नंबर से संदेश मिलने के कारण परिचितों ने इसे वास्तविक आपात स्थिति समझा और तीन लोगों ने मिलकर ठगों द्वारा दिए गए बैंक खातों में कुल ₹45,000 ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब कुछ लोगों ने सीधे संपर्क किया, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।पुलिस और साइबर सेल में मामला दर्जमामले की भनक लगते ही प्राचार्य ने तत्काल संबंधित थाना और साइबर क्राइम शाखा में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।सावधानी बरतें:किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल से *21*, *401* या कोई अन्य शॉर्टकोड डायल न करें।
यह कोड आपकी कॉल और संदेशों को दूसरों के नंबर पर फॉरवर्ड कर सकते हैं, जिससे ओटीपी (OTP) और सोशल मीडिया खातों का दुरुपयोग संभव है।

