वित्त मंत्री ने संसद में देश का आम बजट पेश किया। इस बजट का मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास की गति को बढ़ाना, महंगाई पर लगाम लगाना और मध्यम वर्ग (Middle Class) की जेब को थोड़ी राहत देना है।
1. टैक्स स्लैब में बदलाव (आम आदमी के लिए सबसे बड़ी खबर)
सरकार ने New Tax Regime (नई कर व्यवस्था) को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ा दी है।
• स्टैंडर्ड डिडक्शन: इसे ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है।
• टैक्स छूट की सीमा: अब ₹7 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा (रिबेट के साथ यह सीमा ₹8 लाख तक जा सकती है)।
• फायदा: इससे नौकरीपेशा लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए अधिक पैसा बचेगा।
2. कृषि और ग्रामीण विकास (Agri-Tech पर जोर)
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ पर फोकस किया है।
• डिजिटल खेती: अगले 2 वर्षों में 5 करोड़ किसानों को डिजिटल डेटाबेस से जोड़ा जाएगा।
• प्राकृतिक खेती: 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती (Natural Farming) अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और उन्हें सरकारी सहायता दी जाएगी।
• न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): दालों और तिलहन की खरीद के लिए बजट आवंटन में 15% की वृद्धि की गई है।
3. बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और रेल
भारत को ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने के लिए भारी निवेश का ऐलान किया गया है।
• कैपेक्स (Capital Expenditure): इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रिकॉर्ड ₹12 लाख करोड़ का आवंटन।
• रेलवे: 3 नए इकोनॉमिक रेलवे कॉरिडोर की घोषणा। साथ ही, 500 और ट्रेनों को ‘अमृत भारत’ स्टैंडर्ड के तहत अपग्रेड किया जाएगा।
• मेट्रो: टायर-2 शहरों में ‘मेट्रो नियो’ और ‘मेट्रो लाइट’ परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ाया गया।
4. शिक्षा और रोजगार (युवाओं के लिए)
• इंटर्नशिप स्कीम: शीर्ष 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर दिए जाएंगे, जिसमें ₹5,000 प्रति माह का भत्ता मिलेगा।
• एजुकेशन लोन: उच्च शिक्षा के लिए घरेलू संस्थानों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को ₹10 लाख तक के ऋण पर ब्याज छूट (Interest Subvention) मिलेगी।
5. क्या सस्ता और क्या महंगा?

6. एमएसएमई (MSME) और व्यापार
छोटे व्यापारियों के लिए लोन की प्रक्रिया आसान की गई है। ‘क्रेडिट गारंटी स्कीम’ के तहत बिना किसी कोलेटरल (गारंटी) के दिए जाने वाले लोन की सीमा बढ़ा दी गई है।
7. स्वास्थ्य और कल्याण
• आयुष्मान भारत: इस योजना का दायरा बढ़ाकर अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को शामिल किया गया है (चाहे उनकी आय कुछ भी हो)।
• मेडिकल कॉलेज: मौजूदा अस्पतालों के ढांचे का उपयोग करके और अधिक मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना।
निष्कर्ष
यह बजट मुख्य रूप से ‘ग्रोथ’ और ‘राहत’ के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। जहां एक तरफ मध्यम वर्ग को टैक्स में छूट मिली है, वहीं दूसरी तरफ लंबी अवधि के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश को बरकरार रखा गया है।

