छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बकाया राशि का भुगतान न होने से निजी अस्पतालों का सब्र टूट गया है। अपनी मांगों को लेकर अब अस्पताल संचालक और पैरामेडिकल स्टाफ ने बड़े आंदोलन का रास्ता चुना है।
📉 क्या है पूरा मामला?
लंबे समय से आयुष्मान योजना के तहत किए गए इलाज का पैसा सरकार की ओर से अटका हुआ है। इससे अस्पतालों को दवाइयां खरीदने, स्टाफ को वेतन देने और दैनिक खर्चों को पूरा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
🖤 विरोध का तरीका: “काली पट्टी”
अपनी नाराजगी जताने के लिए प्रदेश भर के:
• अस्पताल संचालक
• डॉक्टर्स
• पैरामेडिकल स्टाफ
सभी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन सेवा को बाधित किए बिना प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है। संचालकों का कहना है कि अगर जल्द ही भुगतान की प्रक्रिया सुचारू नहीं हुई, तो वे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे।

