राजधानी रायपुर में ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक खुफिया कैमरे (स्टिंग) में विभाग के आला अधिकारी एक ऐसे व्यक्ति के साथ गोपनीय मुलाकात करते पकड़े गए हैं, जिस पर नकली दवाएं बेचने का संगीन आरोप है।
रेस्टोरेंट में दस्तावेजों के साथ हुई चर्चा
जानकारी के अनुसार, एडिशनल ड्रग कमिश्नर संजय नेताम को रायपुर के नेताजी सुभाष स्टेडियम स्थित एक रेस्टोरेंट में आरोपी खेमराम दानी के साथ देखा गया। कैमरे में कैद हुई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि अधिकारी फाइलों और दस्तावेजों को खोलकर आरोपी के साथ चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान अधिकारी द्वारा आरोपी को कानूनी कार्रवाई से बचने के तरीके बताए जाने का संदेह जताया जा रहा है।
कौन है आरोपी और क्या है मामला?
आरोपी खेमराम दानी का सारंगढ़ में ‘सरस्वती मेडिकल स्टोर’ है। ड्रग विभाग ने पूर्व में रायपुर के एक गैरेज से नकली दवाओं की एक बड़ी खेप बरामद की थी, जिसकी जांच की कड़ी आरोपी के मेडिकल स्टोर तक पहुंची थी। जांच के दौरान आरोपी के घर और दुकान की तलाशी में लाखों रुपये की बिना बिल वाली दवाइयां जब्त की गई थीं।
अधिकारी की सफाई: “सिर्फ शिष्टाचार भेंट”
जब मौके पर मौजूद पत्रकारों ने एडिशनल ड्रग कमिश्नर संजय नेताम से इस मुलाकात का कारण पूछा, तो उन्होंने इसे महज एक शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने कहा कि वे लोग उनसे मिलने आए थे और वे बस सामान्य बात कर रहे थे। हालांकि, सरकारी दफ्तर के बजाय बाहर रेस्टोरेंट में फाइलों के साथ आरोपी से मिलना विभाग की मंशा पर बड़े सवाल खड़े करता है।
विभाग के अनुसार दवाइयां की अनुमानित कीमत 45 लाख जबकि दवा व्यापारी और स्टैंडर्ड कंट्रोलर संजय नेताम के सामने उसको चार लाख बताते हुए और उसका विरोध ना करते हुए संजय नेताम ने व्यापारी के बात का समर्थन किया अधिकारी सही या व्यापारी
सवालों के घेरे में ड्रग विभाग
सवाल पूछे जाने पर अधिकारी कैमरे से बचते हुए अपनी सरकारी गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। इस घटना के बाद अब यह मांग उठ रही है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्पष्ट करें कि आखिर एक गंभीर अपराध के आरोपी से विभाग के इतने बड़े पद पर बैठा अधिकारी दफ्तर से बाहर गुप्त मुलाकात क्यों कर रहा था।
news sorse (ibc 24)

