Surya Grahan 2021: इतने घंटे तक सूर्य देव रहेंगे कष्ट में, यहां देखें भारत में सूर्य ग्रहण का सही समय

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साल 2021 का आखिरी सूर्य ग्रहण आज लगेगा. ये ग्रहण सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू हो जाएगा, जो दोपहर 3 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगा. यह सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. सूर्यग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है. इसके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव प्रकृति, जीव-जंतु और मनुष्यों पर भी पड़ते हैं. यही वजह है कि ज्योतिषी ग्रहणकाल के दौरान कुछ सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं. सनातन महर्षियों के अनुसार, ग्रहणकाल को शेषनाग की हलचल माना जाता है और इससे हमारे आसपास की हर चीज प्रभावित होती है. आइए बताते हैं साल के आखिरी सूर्य ग्रहण के समय क्या करें और क्या नहीं…

 

यहां दिखेगा ग्रहण

सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर 2021 दिन शनिवार को लगने जा रहा है, जो अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में दिखाई देगा. इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा.  ज्योतिष के अनुसार, भले ही ग्रहण में सूतक के नियम मान्य नहीं होंगे. लेकिन सूर्य ग्रहण का कुछ ना कुछ प्रभाव अवश्य होता है. इसलिए सूर्य ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. आपको बताते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना है और क्या नहीं करना है ?

 

 

सूर्य ग्रहण पर न करें ये काम (Surya Grahan 4 December Precautions)

 

सूर्य ग्रहण के दौरान अत्यधिक शारीरिक मेहनत से बचने की सलाह दी जाती है. गहन मानसिक कार्यों से भी दूरी रखें.

ग्रहण के दौरान अग्निकर्म और मशीनरी का प्रयोग ग्रहणकाल के दौरान वर्जित माना जाता है.

आसमान में होने वाली इस खगोलीय घटना को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि सूर्य की किरणें आखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

सूर्य ग्रहण को टेलीस्कोप से भी नहीं देखना चाहिए. इसे देखने के लिए विशेष रूप से बनाए गए चश्मों का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन करना वर्जित माना गया है.

सूर्य ग्रहण के दौरान कोई भी नया काम आरंभ न करें और ना ही मांगलिक कार्य करें.

नाखून काटना, कंघी करना वर्जित माना गया है.

ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए.

ग्रहण से पहले पके हुए भोजन में तुलसी का पत्ता डालकर रख दें.

सूर्य ग्रहण में क्या करें? (Do & Dont’s of Surya grahan)

 

जिन व्यक्तियों की कुंडली में सूर्य देव की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो, उन्हें ग्रहणकाल के दौरान सूर्य देव की शांति करनी चाहिए. ग्रहण काल के दौरान भजन-कीर्तन और जप के माध्यम से ईश्वर को याद करने की सलाह दी जाती है.

सूर्य ग्रहण के दौरान भगवान शिव के किसी भी मंत्र का जाप करना लाभकारी साबित होता है.

सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव की आराधना करना सर्वाधिक उपयुक्त होता है.

ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें.

ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की सफाई करें.

घर में गंगाजल का छिड़काव करें.

ग्रहण के दौरान अपना मन धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन और ईश्वर के प्रति लगाना चाहिए.।।