रायपुर में कैंसररोधी दवाओं और मेडिकल स्टोर्स पर बड़ी कार्रवाई: ताबड़तोड़ छापे और निरीक्षण से हड़कंप

By Pallav shrivastav

रायपुर, छत्तीसगढ़ | 14 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश, स्वास्थ्य सचिव और नियंत्रक के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला रायपुर की टीम ने कैंसररोधी (Anti-Cancer) औषधियों के आयात, उपलब्धता और मूल्य की जांच के लिए निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है।

इसी कड़ी में आज 14 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर में बड़े पैमाने पर जांच और छापेमारी की गई। अस्पतालों की फार्मेसियों और ड्रग स्टोर्स पर दबिश अभियान के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कई प्रमुख अस्पतालों और दवा भंडारों का औचक निरीक्षण किया।

जांच के दायरे में आने वाले प्रमुख प्रतिष्ठान इस प्रकार हैं:

मेमन हेल्थकेयर फार्मेसी दावड़ा कॉलोनी

संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल – आईपीएडी फार्मेसी दावड़ा कॉलोनी

संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल – ओपीडी फार्मेसी, दावड़ा कॉलोनी

संजीवनी हॉस्पिटल – आईपीएडी फार्मेसी दावड़ा कॉलोनी

रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल – कैंसर यूनिट

रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल – आईपीएडी फार्मेसीरामकृष्ण

केयर हॉस्पिटल – ओपीडी फार्मेसी

रामकृष्ण केयर – सेंट्रल ड्रग्स स्टोर, पचपेड़ी नाका

इन सभी प्रमुख फार्मेसियों से कैंसररोधी दवाओं के क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेज ले लिए गए हैं और आयात व बिक्री से जुड़े सभी जरूरी कागजातों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है।

गोगांव और अमनका क्षेत्र में मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारीअस्पतालों के अलावा टीम ने स्थानीय स्तर पर कई मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण और छापे की कार्रवाई के दायरे में निम्नलिखित दुकानें शामिल रहीं:

श्री हनुमान मेडिकल, गोगांव

प्रकाश मेडिकल, गोगांव

श्री राम मेडिकल, गोगांव

श्री साईं मेडिकल स्टोर, अमनका

हयात दवाई दुकान

अनियमितताओं पर 3 फर्मों को नोटिस जांच अभियान के तहत कुल 17 मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई जगहों पर गड़बड़ियां और अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद 3 फर्मों को तुरंत कारण बताओ सूचना-पत्र (शो-कॉज नोटिस) जारी किया गया है।

विभाग का कहना है कि इन फर्मों से मिलने वाले जवाब और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की दवाओं की गुणवत्ता, वैधता, सही मूल्य और आम नागरिकों के जनस्वास्थ्य की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और उसके नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह निरीक्षण अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।

इस पूरी जांच टीम में रायपुर जिले के चार औषधि निरीक्षक—डॉ. टेकचंद धीरहे, श्री नीरज साहु, श्रीमती हंसा साहू और श्री ईश्वरी नारायण सिंह शामिल रहे।

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