नई दिल्ली / रायपुर (युग न्यूज़)।देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर आज एक ऐसे ऐतिहासिक और अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन का गवाह बना, जिसने सत्ता के गलियारों को हिलाकर रख दिया है। सोशल मीडिया पर महज कुछ ही दिनों के भीतर लाखों-करोड़ों युवाओं को अपने साथ जोड़ने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) शनिवार को डिजिटल स्क्रीन से बाहर निकलकर सीधे सड़क पर उतर आई।
भीषण गर्मी और दिल्ली पुलिस के कड़े पहरे के बीच, देश के कोने-कोने से आए युवाओं और छात्रों के भारी सैलाब ने NEET, CBSE, CUET और SSC परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है।
आंदोलनकारियों की एक ही प्रमुख मांग है— केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा।
‘कीड़ा’ समझने की भूल पड़ी भारी: सोशल मीडिया का सैटायर बना हथियारदरअसल,
इस पूरे आंदोलन की नींव मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद पड़ी थी, जहां सिस्टम पर सवाल उठाने वाले एक्टिविस्ट युवाओं की तुलना कथित तौर पर ‘कॉकरोच’ से कर दी गई थी। युवाओं ने इस अपमान को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। अमेरिका से सीधे दिल्ली पहुंचे आंदोलन के मुख्य सूत्रधार अभिजीत दीपके के नेतृत्व में युवाओं ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का गठन किया।
शनिवार को जंतर-मंतर पर नजारा देखने लायक था; हजारों युवा चेहरे पर कॉकरोच का मास्क लगाए, हाथों में तिरंगा, किताबें और गुलाब के फूल लेकर पहुंचे थे।डिजिटल पर लाखों का हुजूम, जमीन पर भारी सैलाब’कॉकरोच जनता पार्टी’ की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर इस मुहिम से लाखों-करोड़ों युवा लाइव जुड़े हुए हैं। इंस्टाग्राम और ट्विटर पर इस पार्टी के फॉलोअर्स देश के बड़े-बड़े राजनैतिक दलों को टक्कर दे रहे हैं। जंतर-मंतर पर भले ही प्रशासन और पुलिस की सख्त पाबंदियों और भारी बैरिकेडिंग के कारण मैदान में कुछ हजार छात्र ही नजर आ रहे थे, लेकिन इंटरनेट पर लाखों युवाओं की फौज इस धरने को लगातार री-ट्वीट और शेयर कर अपनी आवाज बुलंद कर रही थी। ग्राउंड पर मौजूद छात्र नेताओं का साफ कहना है कि अगर दिल्ली पुलिस की सख्त पाबंदियां और भीषण गर्मी का मौसम आड़े न आता, तो आज जंतर-मंतर पर वाकई लाखों का सैलाब जमीन पर खड़ा दिखाई देता।
सोनम वांगचुक और प्रकाश राज का मिला साथइस आंदोलन को उस वक्त और बड़ा नैतिक बल मिला जब प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिनेता प्रकाश राज युवाओं का समर्थन करने मंच पर पहुंचे। सोनम वांगचुक के मंच पर आते ही पूरा जंतर-मंतर युवाओं के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन, पुलिस को सौंपे गुलाब के फूलआंदोलन को हिंसक होने से बचाने के लिए आयोजकों ने बेहद सूझबूझ का परिचय दिया।
दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक की ही अनुमति दी थी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद युवाओं ने पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाई। प्रदर्शन के समापन पर युवाओं ने ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों को गुलाब के फूल भेंट किए, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
शिक्षा मंत्री को अल्टीमेटम: ‘इस्तीफा नहीं तो देशभर में होगा चक्काजाम’
शाम 5 बजे तय समय पर आंदोलन को शांतिपूर्वक समाप्त करते हुए अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत थी। अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेपर लीक और करोड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इसी हफ्ते ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ देश के अन्य बड़े महानगरों और राज्यों की राजधानियों में भी इसी तरह का उग्र लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी।
युग न्यूज़ की नजर:डिजिटल स्पेस से शुरू हुआ यह ‘सैटायर आंदोलन’ अब देश की मुख्यधारा की राजनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऑनलाइन लाखों की फौज और सड़क पर हजारों का यह हुजूम साफ संदेश दे रहा है कि रोजगार और निष्पक्ष परीक्षाओं के मुद्दे पर अब देश का युवा चुप बैठने वाला नहीं है।
