ऑनलाइन दवा कारोबार के खिलाफ आर-पार की जंग: 20 मई को देश और प्रदेश के सभी मेडिकल स्टोर रहेंगे पूरी तरह बंद! सिर्फ ये दुकाने खुलेंगी

By Pallav shrivastav

विशेष रिपोर्ट: युग न्यूज ब्यूरो

रायपुर।

कॉर्पोरेट घरानों और ई-फार्मेसी (ऑनलाइन दवा बिक्री) के बढ़ते एकाधिकार के खिलाफ देश के दवा व्यापारियों ने अब आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। आगामी 20 मई को ‘ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स’ (AIOCD) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर देशभर की करीब 12 लाख दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। इस देशव्यापी आंदोलन की गूंज छत्तीसगढ़ में भी जोरदार तरीके से दिखाई देगी, जहाँ राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी छोटे-बड़े शहरों के मेडिकल स्टोरों में ताले लटके रहेंगे।

इस ऐतिहासिक बंद को रायपुर जिला दवा विक्रेता संघ और छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने अपना पूर्ण और खुला समर्थन दे दिया है, जिससे इस आंदोलन को और अधिक मजबूती मिली है।

क्यों सड़कों पर उतरे दवा व्यापारी? (ये हैं मुख्य मुद्दे)

दवा विक्रेताओं का साफ तौर पर कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ उनके व्यापार की नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा की भी है। आंदोलन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

अवैध और अनियंत्रित ई-फार्मेसी पर रोक: ऑनलाइन कंपनियाँ भारी डिस्काउंट का लालच देकर स्थानीय छोटे व्यापारियों का रोजगार छीन रही हैं।

बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) की होम डिलीवरी: दवा व्यापारियों का आरोप है कि ऑनलाइन माध्यमों से बिना उचित वेरिफिकेशन के नशीली और प्रतिबंधित दवाइयाँ आसानी से घर-घर पहुँच रही हैं, जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

नियमों की धज्जियाँ: ऑफलाइन रिटेलर्स के लिए ड्रग विभाग के कड़े नियम और कानून हैं, जबकि ऑनलाइन दिग्गजों के लिए नियमों का कोई सख्त दायरा तय नहीं है।

“व्यापार और जनस्वास्थ्य दोनों खतरे में” — दवा संघ

रायपुर जिला दवा विक्रेता संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा कंपनियाँ न तो दवाओं के सही रख-रखाव (Cold Chain Management) की गारंटी देती हैं और न ही उनकी शुद्धता की। ऐसे में मरीजों की जान जोखिम में डालकर चंद कॉर्पोरेट कंपनियों को फायदा पहुँचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने जल्द ही ई-फार्मेसी के लिए कड़े नियम नहीं बनाए, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

आम जनता के लिए राहत: अस्पताल के मेडिकल स्टोर्स रहेंगे खुले

हड़ताल के दौरान आम नागरिकों और गंभीर मरीजों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा गया है। दवा संघ ने स्पष्ट किया है कि:

1. सभी सरकारी और निजी अस्पतालों (Hospitals) के भीतर स्थित मेडिकल स्टोर और इमरजेंसी काउंटर २४ घंटे खुले रहेंगे।

2. आपातकालीन स्थिति में जीवन रक्षक दवाओं (Life Saving Drugs) की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी।

‘युग न्यूज’ की अपील: यदि आपके घर में बुजुर्ग या नियमित दवाइयों का सेवन करने वाले मरीज हैं, तो किसी भी संभावित असुविधा से बचने के लिए आवश्यक दवाइयाँ 20 मई से पहले ही नजदीकी मेडिकल स्टोर से जरूर खरीद लें।

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