रायपुर, 2 मई 2026
रायपुर जिला प्रशासन द्वारा जिले में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए “सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के तहत 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान के छठे दिन औषधि निरीक्षकों की टीम ने रायपुर के 10 प्रमुख सरकारी अस्पतालों और एक निजी फार्मेसी का औचक निरीक्षण किया।

वैक्सीन और नारकोटिक दवाओं के रिकॉर्ड की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान टीम ने मुख्य रूप से वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण और प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया। जांच में निम्नलिखित बिंदुओं की समीक्षा की गई:
• वैक्सीन रखरखाव: रेफ्रिजरेटर के कैलिब्रेशन रिकॉर्ड, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), बैच स्टॉक रजिस्टर और तापमान निगरानी रजिस्टर की जांच की गई।
• FIFO प्रक्रिया: यह सुनिश्चित किया गया कि अस्पतालों में वैक्सीन वितरण के लिए ‘फर्स्ट इन फर्स्ट आउट’ (FIFO) पद्धति का पालन हो रहा है या नहीं।
• विशेष औषधियां: फार्मेसी में GLP-1 और नारकोटिक दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया गया।
• फार्मेकोविजिलेंस: टीम ने ‘फार्मेकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया’ (PvPI) के तहत दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों (side effects) की रिपोर्टिंग के प्रति कर्मचारियों को जागरूक किया।
इन केंद्रों पर हुई कार्रवाई
औषधि निरीक्षकों की टीम ने मठपुरेना, चंगोराभाठा, भांठागाँव, खोखो पारा, शुक्रवारी बाजार, गुढियारी, रामनगर, जिला अस्पताल (पंडरी), राखी और मंदिर हसौद के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों सहित टेमरी माना स्थित हेल्थमार्ट फार्मेसी का निरीक्षण किया।
• टीम की कार्रवाई: औषधि निरीक्षक श्री ईश्वरी नारायण सिंह, डॉ. टेक चंद धीरे, डॉ. सुरेश कुमार साहू, श्रीमती हंसा साहू, श्रीमती प्रीति उपाध्याय और श्री ओम प्रकाश यादव की टीम ने फील्ड पर मोर्चा संभाला।