रायपुर, 29 अप्रैल 2026: खाद्य एवं औषधि प्रशासन रायपुर की टीम ने आज आरंग क्षेत्र में सौंदर्य प्रसाधनों (Cosmetics) की दुकानों पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने सदर बाजार और मुख्य मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों की सघन जाँच की और नियमों के उल्लंघन पर दुकानदारों को सख्त हिदायत दी।

अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई ‘औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945’ के तहत संपन्न की गई। इस अभियान के लिए औषधि निरीक्षकों का एक विशेष दल गठित किया गया था, जिसमें निम्नलिखित अधिकारी शामिल थे:
• टेकचंद धीरे
• ओम प्रकाश यादव
• ईश्वरी नारायण सिंह
• सुरेश कुमार साहू
• श्रीमती प्रीति उपाध्याय
• श्रीमती हंसा साहू
इन प्रमुख प्रतिष्ठानों की हुई जाँच
निरीक्षण के दौरान टीम ने कई प्रमुख दुकानों के स्टॉक, दस्तावेजों और उत्पादों की गुणवत्ता जांची:
• कंचन स्टोर: यहाँ उत्पादों के प्रकारों की जाँच कर वैध बिल के साथ व्यापार करने के निर्देश दिए गए।
• सरिता किराना स्टोर: इमामी, डाबर और पतंजलि जैसे ब्रांडेड उत्पादों का सत्यापन किया गया।
• होलसेल फैशन बाजार: यहाँ बिना मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नंबर वाले उत्पादों को न बेचने की सख्त हिदायत दी गई।
• शंकर फैंसी स्टोर एवं रफिक जनरल स्टोर: संचालकों को वैध परचेज इनवॉइस और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के लिए गाइड किया गया।
• राकेश फैंसी स्टोर: यहाँ जाँच के दौरान कोई भी आपत्तिजनक DMR (Drugs and Magic Remedies) उत्पाद नहीं पाया गया।
• मानसी फैंसी स्टोर: यहाँ उत्पादों के भंडारण की स्थिति का जायजा लिया गया।
सैंपल जब्त और कड़ी हिदायत
जाँच के दौरान टीम ने कुल 03 नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए संकलित किए हैं। अधिकारियों ने दुकानदारों को भविष्य के लिए कुछ अनिवार्य निर्देश भी दिए:
1. वैध बिल अनिवार्य: सामग्री केवल लाइसेंस धारी निर्माताओं या थोक विक्रेताओं से ही खरीदें।
2. DMR एक्ट का पालन: कॉस्मेटिक के नाम पर ऐसी कोई क्रीम या औषधि न बेचें जो ‘ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज’ श्रेणी में आती हो।
3. पारदर्शिता: हर उत्पाद पर बैच नंबर और मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नंबर होना अनिवार्य है।
4. अंग्रेजी दवाओं पर प्रतिबंध: कॉस्मेटिक दुकानों में अंग्रेजी औषधि युक्त क्रीम या आइंटमेंट का क्रय-विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।