रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नकली दवाओं के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रदेश में सक्रिय एक संगठित सप्लाई चेन को ध्वस्त करते हुए विभाग ने तीन प्रमुख आरोपियों को राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया है।

नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट से जुड़े थे तार
इस कार्रवाई की जड़ें 10 दिसंबर 2025 को नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगाँव में हुई छापेमारी से जुड़ी हैं, जहाँ भारी मात्रा में नकली दवाओं की खेप पकड़ी गई थी। जांच के बाद इस गिरोह के अंतरराज्यीय कनेक्शन सामने आए, जिसके आधार पर कल दिनांक 13 अप्रैल 2026 को तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल:
1. रोचक अग्रवाल: संचालक, बिजरासन मेडिकोज (इंदौर)
2. सुरेंद्र कामनानी: संचालक, प्रेम प्रकाश एजेंसी (भाटापारा)
3. खेमराज बानी: संचालक, सरस्वती मेडिकल स्टोर (सारंगढ़)
सारंगढ़ में मिलीं संदिग्ध औषधियाँ
विभागीय टीम ने सारंगढ़ स्थित सरस्वती मेडिकल स्टोर पर दिसंबर माह में दो बार (16 और 20 दिसंबर) दबिश दी थी। इस दौरान नकली दवाओं के भंडारण और वितरण से जुड़े कई पुख्ता सबूत और दस्तावेज बरामद किए गए थे। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं।
विभागीय सख्त रुख
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण में अभियोजन की कार्यवाही तेजी से चल रही है। गिरोह में शामिल अन्य संदिग्ध संस्थानों और व्यक्तियों की पहचान की जा रही है, जिनके खिलाफ जल्द ही विधिक कार्यवाही की जाएगी।
जनहित में अपील:
विभाग ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे केवल अधिकृत और विश्वसनीय मेडिकल स्टोर्स से ही दवाइयां खरीदें। यदि किसी भी स्टोर या व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगे, तो तुरंत विभाग को सूचित करें।