बलरामपुर/दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दो अलग-अलग जिलों से नशीले पदार्थों की खेती और राजनीतिक कनेक्शन से जुड़ी बड़ी खबरें सामने आई हैं। बलरामपुर में पुलिस ने जंगल के किनारे लहलहा रही अफीम की विशाल खेती को पकड़ा है, वहीं दुर्ग में प्रशासन का बुलडोजर चला है।

बलरामपुर: 5 एकड़ में अफीम की खेती का भंडाफोड़
दुर्ग जिले के समोदा गांव के बाद अब बलरामपुर से अफीम की खेती का दूसरा बड़ा मामला सामने आया है। मंगलवार (10 मार्च) को पुलिस प्रशासन की टीम ने कुसमी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरनाटोली गांव के पास कार्रवाई की।
• लोकेशन: त्रिपुरी के सरनाटोली गांव से दूर, जंगल के किनारे सुनसान इलाके में अफीम उगाई गई थी।
• फसल की स्थिति: लगभग 5 एकड़ में फैली यह फसल पूरी तरह तैयार थी। पौधों के डोडों (फल) में चीरा भी लगाया जा चुका था, जो अफीम निकालने की अंतिम प्रक्रिया का संकेत है।
• पुलिस की कार्रवाई: ग्रामीणों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर कुसमी एसडीओपी (SDOP) सहित प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और फसल को जब्त करने की कार्यवाही शुरू की।
दुर्ग: भाजपा नेता के भाई की दुकान पर चला बुलडोजर
इसी दौरान दुर्ग जिले से भी एक बड़ी खबर आई है, जहाँ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा नेता विनायक के भाई की दुकान को ढहा दिया है। हालांकि इसे बलरामपुर की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर यह क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण या अन्य कानूनी उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।