रायपुर:
छत्तीसगढ़ की राजधानी समेत प्रदेश भर में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। सुबह और रात की हल्की ठंड और दिन में तेज धूप के कारण “सीजनल इन्फ्लूएंजा” (Viral Fever) ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। रायपुर के मेकाहारा और जिला अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में सर्दी, खांसी और बदन दर्द के मरीजों की संख्या में 30-40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
क्या है मुख्य कारण?
फार्मा विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव वायरस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल समय होता है। इस समय हवा में नमी और तापमान का असंतुलन सीधे तौर पर इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) पर हमला करता है।
Yug News की विशेष सलाह: क्या करें और क्या न करें?
चूंकि दवा बाजार में भी एंटीबायोटिक्स और मल्टी-विटामिन्स की मांग बढ़ गई है, Yug News आप तक सही जानकारी पहुँचा रहा है:
- सेल्फ-मेडिकेशन से बचें: हल्का बुखार होने पर खुद से कोई भी हैवी एंटीबायोटिक न लें। यह लिवर और किडनी पर बुरा असर डाल सकता है।
- हाइड्रेटेड रहें: दिन भर गुनगुना पानी पिएं। नारियल पानी या ताजे फलों का रस इम्यून सिस्टम को मजबूती देता है।
- फुल कपड़े पहनें: खासकर सुबह और शाम को जब ठंड ज्यादा होती है, लापरवाही न बरतें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क: यदि आपको खांसी या छींक है, तो दूसरों को संक्रमित होने से बचाने के लिए मास्क का उपयोग करें।
फार्मा सेक्टर का हाल
रायपुर के दवा व्यवसायियों (Pharma Agencies) के अनुसार, इस समय पैरासिटामोल, कफ सिरप और एंटी-एलर्जिक दवाओं की आपूर्ति सुचारू है, लेकिन लोगों को डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के बिना दवा न खरीदने की सलाह दी जा रही है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। छोटी सी सावधानी आपको बड़े संक्रमण से बचा सकती है।”
ब्यूरो रिपोर्ट: Yug News, रायपुर
