रायपुर में बढ़ता ‘क्लब कल्चर’: मनोरंजन या भारतीय संस्कृति के पतन की शुरुआत?

By Pallav shrivastav

रायपुर:
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, जो अपनी समृद्ध परंपराओं और शालीनता के लिए जानी जाती है, आज एक नए ‘पश्चिमी नशे’ की गिरफ्त में है। हाल ही में शहर के प्रमुख क्लब ‘Underdoggs’ द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया एक विज्ञापन चर्चा और विवाद का विषय बन गया है। इस विज्ञापन में “Her side Wednesdays” के नाम पर महिलाओं को हर बुधवार शाम 7 से 10 बजे तक ‘अनलिमिटेड ड्रिंक्स’ (Unlimited Drinks) परोसने का लालच दिया जा रहा है।


संस्कारों पर प्रहार:
समाज के प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि इस तरह के ‘ओपन बार’ ऑफर भारतीय पारिवारिक और नैतिक मूल्यों के खिलाफ हैं। जहाँ हमारी संस्कृति महिलाओं को सम्मान और शक्ति का प्रतीक मानती है, वहीं ऐसे व्यावसायिक विज्ञापन उन्हें केवल उपभोक्ता और पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण की ओर धकेल रहे हैं।
प्रमुख चिंताजनक मुद्दे:

  • नशे को बढ़ावा: मनोरंजन के नाम पर ‘अनलिमिटेड’ शराब का लालच देकर युवा पीढ़ी को नशे की ओर प्रेरित किया जा रहा है।
  • पाश्चात्य अंधानुकरण: ‘लेडीज नाइट’ जैसे आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कारों की मर्यादाओं को लांघा जा रहा है।
  • पारिवारिक विखंडन: क्लब कल्चर के बढ़ते प्रभाव के कारण युवा अपने पारिवारिक समय और नैतिक शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं।
    नैतिकता और व्यापार की सीमा:
    क्या व्यापार बढ़ाने के लिए नैतिक मूल्यों की बलि चढ़ाना उचित है? रायपुर में पहली बार इस तरह के ‘असीमित’ ऑफर के दावे ने शहर के अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का तर्क है कि यदि मनोरंजन के नाम पर इसी तरह भारतीय संस्कृति का क्षरण होता रहा, तो आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से पूरी तरह कट जाएगी।
    निष्कर्ष:
    विकास और आधुनिकता बुरी नहीं है, लेकिन जब यह हमारी सांस्कृतिक नींव को हिलाने लगे, तो समाज को आत्ममंथन की आवश्यकता होती है। रायपुर की जनता और प्रशासन को यह सोचना होगा कि क्या हम ‘ग्लोबलाइजेशन’ की दौड़ में अपनी ‘संस्कृति’ को पीछे छोड़ रहे हैं?
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