अमरनाथ गुफा के पास बादल फटा, 10 से 15 हजार लोग गुफा के पास मौजूद; अब तक 10 की मौत।

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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की खबर है। जानकारी के मुताबिक घटना शुक्रवार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर हुई। जिस समय बादल फटने की खबर मिली, उस समय गुफा के पास 10 से 15 हजार श्रद्दालु मौजूद थे।  ख़बर लिखने तक 10 लोगो की मौत हो चुकी है। मृतकों की संख्या और बड़ भी सकती है।

बादल फटने की घटना पवित्र गुफा के एक से दो किलोमीटर के दायरे में हुई। पहाड़ों से तेज बहाव के साथ आए पानी से श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए करीब 25 टेंट और दो लंगर बह गए। बारिश से पूरे इलाके में तेजी से पानी भर गया और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। अभी तक कई श्रद्धालु लापता बताए जा रहे हैं और उनके तेज बहाव में बहने की आशंका है।

 

सेना समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं

घटना के तुरंत बाद सेना, ITBP, CRPF, NDRF और SDRF के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने रेस्क्यू शुरू कर दिया। NDRF के DG अतुल करवाल ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालकर कैंपों तक पहुंचाया जा रहा है। घायलों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल ले जाया गया है।

 

बादल फटने की भयावह घटनाएं

 

14 अगस्त 2017- पिथौरागढ़ जिले के मांगती नाला के पास बादल फटने से 4 की मौत. कई लापता.

11 मई 2016 में शिमला के पास सुन्नी में बादल फटा, भारी तबाही.

16-17 जून 2013 – केदारनाथ में बादल फटे. 10 से 15 मिनट तक तेज बारिश और भूस्खलन से करीब 5 हजार लोग मारे गए.

6 अगस्त 2010 – लेह में बादल फटा. एक मिनट में 1.9 इंच बारिश. भारी तबाही.

26 नवंबर 1970 – हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से एक मिनट में 1.5 इंच बारिश हुई थी.

7 जुलाई 1947 – रोमानिया के कर्टी-दे-आर्गस में बादल फटा. 20 मिनट में 8.1 इंच बारिश हुई थी.

12 मई 1916 – जमैका के प्लम्ब प्वाइंट में बादल फटा. 15 मिनट में 7.8 इंच बारिश हुई थी.

29 नवंबर 1911 – पनामा के पोर्ट वेल्स में बादल फटने से 5 मिनट में 2.43 इंच बारिश हुई थी.

24 अगस्त 1906 – अमेरिका के वर्जीनिया स्टेट के गिनी में बादल फटने से सबसे अधिक 40 मिनट बारिश हुई. करीब 9.25 इंच बारिश हुई. इससे भारी तबाही हुई है.