राजधानी रायपुर में 128 इलाके सील: पॉश इलाकों से घनी बस्तियों में कोरोना फैला… जानिए जगह का नाम

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राजधानी के पॉश इलाकों शंकरनगर, शैलेंद्रनगर, शांतिनगर, टैगोरनगर में सबसे पहले एंट्री करने वाला कोरोना अब घनी आबादी वाली बस्तियों में घुस गया है। हालांकि संक्रमण का प्रकोप कुछ इलाकों में ज्यादा है। इस वजह से 128 कंटेनमेंट जोन में लगभग घने शहर के बीचोबीच केवल जोन क्रमांक 4 और 5 में हैै बनाए गए हैं।

 

 

इन दोनों जोन में फिलहाल 41 कंटेनमेंट जोन हैं। शहर में जनवरी के पहले हफ्ते में केवल 52 कंटेनमेंट जोन थे। 22 जनवरी तक कंटेनमेंट जोन की संख्यल

राजधानी के पॉश इलाकों शंकरनगर, शैलेंद्रनगर, शांतिनगर, टैगोरनगर में सबसे पहले एंट्री करने वाला कोरोना अब घनी आबादी वाली बस्तियों में घुस गया है। हालांकि संक्रमण का प्रकोप कुछ इलाकों में ज्यादा है। इस वजह से 128 कंटेनमेंट जोन में लगभग घने शहर के बीचोबीच केवल जोन क्रमांक 4 और 5 में हैै बनाए गए हैं।

 

इन दोनों जोन में फिलहाल 41 कंटेनमेंट जोन हैं। शहर में जनवरी के पहले हफ्ते में केवल 52 कंटेनमेंट जोन थे। 22 जनवरी तक कंटेनमेंट जोन की संख्या दोगुनी 105 करनी पड़ गई। लेकिन फरवरी के शुरुआती 5 दिन में ही कोरोना का संक्रमण इतना बढ़ा है कि 23 नए कंटेनमेंट जोन बनाने पड़ गए हैं।

 

 

 

जनवरी के शुरुआती दिनों में जैसे ही कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप फैला सबसे पहले पॉश कालोनियों में संक्रमित मिलने लगे। उसके बाद पूरे शहर में दायरा बढ़ा, लेकिन घनी आबादी वाले इलाके पूरी जनवरी में ज्यादा प्रभावित नहीं हुए। अब कोरोना की तीसरी लहर का ढलान शुरू होने पर राजधानी के बीचोबीच वाले इलाके में ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं।

 

यही वजह है कि शहर में अभी सबसे ज्यादा 21 इलाके जोन- 5 में सील किए गए हैं। जोन-5 के अंतर्गत आने वाले वार्डों में ज्यादातर बस्तियां हैं। इस वजह से यहां तेजी से संक्रमण फैल रहा है। मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां 21 कंटेनमेंट जोन बनाने पड़ गए हैं।

 

 

 

इस जोन में डीडी नगर, रोहिणीपुरम, डंगनिया, रिंग रोड में बनी कॉलोनियां, पुरानी बस्ती, टिकरापारा, मठपुरैना, चंगोराभाठा, कुशालपुर, महादेव घाट जैसे इलाके आते हैं। इसके बाद जोन-4 में 20 कंटेनमेंट जोन बनाने पड़े हैं। इस जोन के दायरे में रविनगर, इंद्रावती कॉलोनी, ब्राहमणपारा, कंकालीपारा, सदरबाजार, सिविल लाइन, शैलेंद्रनगर, मठापारा, वीरभद्रनगर आदि क्षेत्र शामिल हैं जहां कोरोना मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है।

 

जोन-7 में केवल एक इलाका सील

शहर में सबसे कम कंटेनमेंट जोन 7 में केवल 1 है। इस जोन में तात्यापारा, रामसागरपारा, समता कालोनी, रामकुंड, गीतानगर, गोकुलनगर और रामनगर इलाका आता है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार निगम के सभी 10 जोन में दो या इससे अधिक कंटेनमेंट जोन हैं। 10 से ज्यादा कंटेनमेंट जोन वाले एरिया में जोन 2, 4, 8 और 10 हैं।

 

 

 

8 कंटेनमेंट जोन डीएक्टिव

राजधानी में होम आइसोलेशन में रहकर ठीक होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन जिस तेजी से मरीज ठीक हो रहे हैं उतनी तेजी से कंटेनमेंट जोन खत्म नहीं हो रहे हैं। नियमानुसार कम से कम सात दिन कंटेनमेंट जोन बनाए रखने की वजह से जोन तेजी से खत्म नहीं हो रहे हैं। अफसरों के अनुसार शहर से अभी 8 ही कंटेनमेंट जोन डीएक्टिव किए गए हैं।

 

 

 

घनी आबादी वाले एरिया में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ी है। नियमों के अनुसार ही कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं। लोगों की सुविधा के लिए हर जोन में अफसरों की ड्यूटी तय है। – एनआर साहू, एडीएम और नोडल अफसर कंटेनमेंट जोन

 

Source : दैनिक भास्कर