गलत तरीके से पत्ता गोभी खाने पर दिमाग में घुस जाता है कीड़ा! इन 5 तरीकों से बचाएं अपना दिमाग

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गलत तरीके से पत्ता गोभी खाने पर दिमाग में घुस जाता है कीड़ा!

डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट हमेशा से सभी उम्र के लोगों को हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने की सलाह देते हैं। हरी सब्जियां हमारे शरीर को ढेर सारे पौष्टिक तत्व प्रदान करती है और साथ ही हमारी सेहत का ख्याल भी रखती हैं। हालांकि सभी हरी पत्तेदार सब्जियां हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती हैं लेकिन इनका सेवन ध्यानपूर्वक करने की सलाह दी जाती है। इन्हीं में से एक है पत्ता गोभी, जो ढेर सारे पौष्टिक गुणों से भरपूर होती है और ये हरी सब्जी ढेर सारे व्यंजनों में यूज होती है। मौजूदा वक्त में ढेर सारे फास्ट फूड में भी पत्ता गोभी का जमकर प्रयोग होता है। इतना ही नहीं इसे कई तरीके के सलादों में खाना पसंद किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पत्ता गोभी में एक प्रकार का कीड़ा पाया जाता है, जो आपके दिमाग में घुस सकता है। आइए जानते हैं कैसे ये कीड़ा आपके दिमाग में पहुंचाता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

क्यों होता है पत्ता गोभी में कीड़ा

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि ज्यादातर सब्जियां मिट्टी (खेतों) में उगाई जाती है और इसी कारण से इनमें विभिन्न परजीवी जैसे एस्केरिस, हुकवार्म, टेपवार्म, राउंडवार्म के अति सूक्ष्म अंडे होते हैं जो फसलों में भी आ जातें हैं। इन्हीं में से एक परजीवी, टेववार्म के अंडे पत्ता गोभी में मुख्य रूप से पाए जाते हैं। बता दें कि पत्ता गोभी का कच्चा सेवन करने पर या फिर इसे ठीक प्रकार से नहीं पकाने पर ये अंडे मनुष्य के दिमाग में पहुंच जाते हैं, जो कि किसी भी व्यक्ति का दिमागी संतुलन बिगाड़ने के लिए काफी है।

 

 

कैसे शरीर को नुकसान पहुंचाता है ये कीड़ा

जब आप पत्ता गोभी का सेवन करते हैं तो वह आपकी नसों में मौजूद HCL के संपर्क में आने पर ये कीड़ा अपनी बाहरी कठोर आवरण को गला देता है और फिर पाचक रसों से होता हुआ ये अंडे बड़ी आंत में पहुंच जाता है। उसके बाद ये आंत की म्यूकोसा से चिपक कर छोटे छोटे वार्म के रूप में बड़े होने लगते हैं। ये कीड़े हमारे भोजन से ही पोषण प्राप्त करतें हैं और धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं।

 

दिमाग में कैसे पहुंचता है ये कीड़ा

बता दें कि पत्ता गोभी में पहुंचने वाले कुछ सूक्ष्म कीड़े आंतों की म्यूकोसा को भेद कर हमारे शरीर की मुख्य रक्त धारा में पहुंच जाते हैं। जिसके बाद वह रक्त के साथ हमारे blood brain barrier को तोड़ कर दिमाग में भी पहुंच जाते हैं ।

क्या-क्या हो सकती हैं दिक्कतें

जब ये कीड़ा आपके दिमाग में पहुंचता है तो किसी भी व्यक्ति के लिए यह एक चिंता की स्थिति पैदा कर सकता है। दरअसल ये एक महीन कीड़ा होता है, जो विभिन्न तंत्रिका विकार जन्य रोगों का कारण बन सकता है। इस कीड़े से होने वाली बीमारियों में शामिल हैं फिट्स, मिरगी का दौरा, दिमाग में सूजन, सिरदर्द, यहां तक कि आप लकवा, मेनिन्जाइटस, सब-ड्यूरल इंफेक्शन का शिकार भी हो सकते हैं।

 

पत्ता गोभी में मौजूद कीड़े से कैसे करें बचावः

1-सब्जियों को अच्छी तरह से धो लें । 2-सब्जियों को अच्छी तरह से पकाएं। 3-हाथों को भी भोजन से पहले साबुन से धो लें। 4-मिट्टी में नंगे पैर न घूमें। 5-हर 6 माह पर डीवार्म की दवाई अवश्य लें ।