स्मोकिंग कैसे बढ़ा सकती है कोविड-19 की गंभीरता और मौत का जोखिम, रिसर्च से मिला जवाब

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हवा में सिगरेट का धुआं छोड़नेवाले लोगों के लिए गंभीर चेतावनी है. स्मोकर को कोरोना संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती होने का 80 फीसद ज्यादा जोखिम और मरने की काफी अधिक संभावना है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च कोरोना वायरस और स्मोकिंग के जटिल विषय पर तस्वीर को साफ करती है. Thorax पत्रिका में प्रकाशित रिसर्च पहले की धारणाओं और रिपोर्ट का खंडन करती है, जिससे पता चला था कि स्मोकर्स को गंभीर कोविड-19 से पीड़ित होने की कम संभावना है.

 

स्मोकिंग से कोविड की गंभीरता और मौत का जोखिम1

 

 

ताजा रिसर्च कोविड-19 और स्मोकिंग के सबूत को मजबूत करनेवाली अपनी तरह की पहली है. पहले किए गए रिसर्च ज्यादातर अब तक अवलोकनात्मक तरह के थे. लेकिन, इस रिसर्च में सुझावा दिया गया है कि संक्रमण के लिए स्मोकिंग एक रिस्क फैक्टर है. शोधकर्ता एशले क्लिफ्ट ने कहा, “हमारे नतीजे साफ इशारा करते हैं कि स्मोकिंग का संबंध कोविड-19 की गंभीरता से जुड़ता है, और ठीक उसी तरह स्मोकिंग दिल की बीमारी, कैंसर के जोखिम को प्रभावित करती है, ऐसा लगता है कि कोविड-19 के लिए भी वही मामला है.”

 

 

4 लाख 20 हजार प्रतिभागियों पर आधारित नई रिसर्च में पाया गया कि स्मोकर को कोरोना से संक्रमित होने पर बुरी तरह बीमार पड़ने का खतरा है. कुल प्रतिभागियों में से एक तिहाई करीब 37 फीसद पहले के स्मोकर थे जबकि 59 फीसद ने कभी नहीं स्मोकिंग की थी. मात्र 4 फीसद वर्तमान में सिगरेट का धुआं उड़ा रहे थे. वर्तमान स्मोकर में से 71 फीसद हल्के या मध्यम दर्जे के स्मोकर थे जिन्होंने एक दिन में 1 से 19 सिगरेट पिया. करीब 29 फीसद भारी स्मोकर थे और एक दिन में 20 से ज्यादा सिगरेट का इस्तेमाल किया.

 

 

कोविड-19 से सुरक्षा के लिए स्मोकिंग गलत विचार

 

 

शोधकर्ताओं की टीम ने कोरोना जांच के नतीजे, अस्पताल में भर्ती के डेटा और मौत के सर्टिफिकिट का विश्लेषण किया. करीब 14 हजार स्मोकर्स में कोविड के चलते 51 अस्पताल में भर्ती थे. संक्रमण की वजह से 36 मौत को भी रिसर्च को भी देखा गया. दूसरी तरफ ढाई लाख स्मोकिंग नहीं करनेवालों में 440 को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था. टीम ने आगे बताया कि कोरोना के चलते 159 और मौत हुई. नतीजे से पता चला कि कभी नहीं स्मोकिंग करनेवालों की तुलना में वर्तमान स्मोकर को 80 फीसद गंभीर कोविड-19 का जोखिम और मौत की काफी अधिक संभावना थी. इम्पीरियल कॉलेज लंदन के डॉक्टरों ने कहा कि तंबाकू की स्मोकिंग कोविड-19 के खिलाफ सुरक्षा दे सकती है, ये हमेशा असंभव है. महामारी की शुरुआत में भी शोधकर्ताओं ने स्मोकर को ज्यादा जोखिम होने की चेतावनी दी थी.