नींद से जुड़ी इन गलत आदतों से जल्‍द पाएं मुक्ति, वरना वक्त से पहले हो जाएंगे बूढ़े!

आजकल कई लोगों में कम उम्र में ही बुढापा (Old Age) साफ नजर आ रहा है. खुद को फिट रखने के लिए वे जिम में पसीना बहाने के साथ ही खानपान पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं. इसके बावजूद चेहरे पर झुर्रियां बढ़ती जा रही हैं.

 

एक्सपर्ट का कहना है कि उम्र से पहले बूढ़ा (Old Age) दिखने की समस्या स्लीपिंग रूटीन में गड़बड़ी की वजह से होती है. लोग इस गड़बड़ी को दूर करने के बजाय अक्सर उसे नजरअंदाज कर जाते हैं. जिसके चलते यह समस्या बढ़ती जा रही है. आइये जानते हैं कि वे कौन सी गड़बड़ी हैं, जो हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा रही हैं.

 

मेडिकल एक्सपर्ट कहते हैं कि फिट रहने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम 8-9 घंटे की नींद (Sleep) जरूर लेनी चाहिए. ऐसा करने से बॉडी रिलैक्स हो जाती है बल्कि आप भी दिनभर के काम के लिए ताजगी महसूस करते हैं. इसके साथ ही पानी खूब पीना चाहिए. पानी पीने से शरीर की अंदर से सफाई होती रहती है. जिसका ग्लो आपकी स्किन पर दिखता है.

3-4 बार धोएं चेहरा

 

चेहरे को जवां रखने के लिए दिन में उसे 3-4 बार जरूर धोना चाहिए. ऐसा करने से आपकी आंखों की रोशनी बढ़ती है और चेहरे पर रौनक आती है. आप रात को सोने (sleep) से पहले नाइट क्रीम के साथ दो मिनट का फेशियल मसाज भी कर सकते हैं. माना जाता है कि ऐसा करने से चेहरे की त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन दुरुस्त रहता है और आप ज्यादा जवान नजर आते हैं

 

 

सॉफ्ट तकिये का रखें ध्या

 

सिर के नीचे तकिया रखकर सोना (sleep) एक सामान्य बात है. लेकिन अगर आपका तकिया कठोर हो तो उसका असर आपके चेहरे और गर्दन पर पड़ता है. इसकी वजह से आप रातभर अनजाने तनाव के साथ नींद लेते हैं. इसके बजाय सोते समय हल्के तकिया का इस्तेमाल करना चाहिए. जिससे आपका सिर बाकी शरीर से ज्यादा ऊंचा न रखे।

 

 

सोने के तरीके का रखें ध्यान.

 

एक्सपर्ट के मुताबिक आप बिस्तर पर किस तरह सोते (Sleep) हैं, इससे खास फर्क नहीं पड़ता. हालांकि अगर नींद के बाद उठने पर आपको बॉडी में दर्द महसूस होता है तो आपको अपना सोने का तरीका बदल देना चाहिए. हमें टेढ़ा-मेढ़ा सोने (Sleep) के बजाय सीधे कमर के बल या दाएं-बायें करवट बदलकर सोना चाहिए. ऐसा करने से हमारा शरीर फिट रहता है. जिसका असर हमारे चेहरे की रौनक पर पड़ता है.

नियमित रूप से बेड की चादर धोएं

 

हम जिस बिस्तर पर सोते हैं, उसे रोजाना नहीं बदलते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि रोजाना न धुलने की वजह से उस बिस्तर और तकिये में बहुत सारे बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं. ये बैक्टीरिया चादर धुलने तक लगातार हमारे शरीर पर अटैक करते रहते हैं. जिससे शरीर को नुकसान पहुंचता है.