आ रही है ऐसी गोली जिसको खाने के बाद नही आएगा बुढ़ापा। जानिए पूरी ख़बर।

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अमेरिकी सेना का इनोवेशन:US आर्मी ऐसी गोली का ट्रायल कर रही, जिसे खाने से बुढ़ापा नहीं आएगा और जख्म भी जल्दी ठीक होंगे

वॉशिंगटन3 घंटे पहले

US आर्मी ऐसी गोली का ट्रायल कर रही, जिसे खाने से बुढ़ापा नहीं आएगा और जख्म भी जल्दी ठीक होंगे|

 

अमेरिकी सेना एक ऐसी गोली का परीक्षण कर रही है जो उम्र का बढ़ना रोक देगी। यह एंटी एजिंग पिल चोट को भी जल्द ठीक करने में मदद करेगी। इस दवा को अमेरिकी सेना के स्पेशल ऑपरेशन कमांड (SOCOM) ने बनाया है।

 

बताया जा रहा है कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय सैनिकों की क्षमता को बढ़ाना चाहता है। यह पेंटागन के उस प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसके तहत वह इंसानों के प्रदर्शन में जबर्दस्त सुधार करना चाहता है। दावा किया जा रहा है कि इस दवा से निकोटिनामाइन एडेनिन डाइन्यूक्लिओटाडइ (NAD+) का स्तर बढ़ जाता है। यह एक को-एंजाइम है जो मेटाबॉलिज्म के लिए अहम है।

 

औषधीय गुणों वाले न्यूट्रास्यूटिकल्स से मिलेंगे बेहतर नतीजे

इस दवा में न्यूट्रास्यूटिकल्स का उपयोग किया गया है। यह ऐसा उत्पाद है जिसे खाने की चीजों से निकाला जाता है। इसमें पोषक तत्व व औषधीय गुण भरपूर होते हैं। फोर्टिफाइड डेयरी उत्पाद और एंटीऑक्सीडेंट एडिटिव्स इसी श्रेणी में आते हैं। शोधकर्ताओं को एनिमल क्लिनिकल ट्रायल के दौरान एनएडी+ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि इंसानों में भी नतीजे बेहतर ही मिलेंगे।

 

बायोकेम के साथ मिलकर दवा बना रही है सेना

इस दवा से सूजन और न्यूरोडीजेनेरेशन (नर्वस सिस्टम का बूढ़ा होना) में कमी लाने में सफलता मिल सकती है। साथ ही कोशिकाएं फिर से जवान हो जाती हैं। सोकोम के प्रवक्ता टिम हॉकिंस के मुताबिक इस दवा का इस्तेमाल सैनिक और आम जनता दोनों के लिए किया जा सकेगा। इस दवा को बनाने के लिए अमेरिकी सेना बायोटेक लैब मेट्रो इंटरनेशनल बॉयोकेम से गठजोड़ कर रही है।

 

जल्दी भरेंगे जख्म

सोकोम के प्रवक्ता टिम हॉकिंस ने कहा कि इन कोशिशों का मतलब उस शारीरिक क्षमता को पैदा करना नहीं है, जो प्राकृतिक रूप से मौजूद नहीं हैं। इस दवा का मकसद है किसी मिशन के लिए सेना को बेहतर रूप से तैयार करना और उसकी क्षमता को बढ़ाना, जो उम्र के साथ कम होती जाती है। दवा के प्रयोग से गंभीर जख्म जल्दी भर जाएंगे और लोग अपेक्षाकृत जल्दी ठीक हो जाएंगे। इससे वे अपने काम पर जल्द वापसी करने में सक्षम होंगे।

 

दवा से शारीरिक-मानसिक फिटनेस में भी सुधार होगा

शोधकर्ताओं का दावा है कि सैनिकों के शरीर में एनएडी+ के बढ़ने से उनकी शारीरिक और मानसिक फिटनेस में सुधार होगा। उम्र संबंधी चोटों से भी उन्हें जल्दी उबरने में मदद मिलेगी। इसके अलावा उनके पूरे करियर में परफॉर्मेंस घटने से जुड़ी चिंताएं नहीं रहेंगी। शरीर में इस एंजाइम के बढ़ने से माइटोकॉन्ड्रिया (कोशिकाओंं के पावर हाउस) की भी पूरी तरह से ओवरहॉलिंग हो जाएगी और वह नए जैसा काम करने लगेगा। साइंटिफिक अमेरिकन मैगजीन के मुताबिक कई स्टडीज से साबित हो चुका है कि इस एंजाइम की वृद्धि से उम्र में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

(साभार भास्कर न्यूज़)