आस्था- राजधानी रायपुर के सुंदर नगर कारगिल चौक में महिला समिति द्वारा की गई आंवला नवमी की विशेष पूजा। जनिए क्या है महत्व इस पूजा का।

IMG-20210828-WA0014
IMG-20210828-WA0016
IMG-20210828-WA0017
C1FECB16-374E-4F72-88E4-3B97BA9DA4B7
previous arrow
next arrow

राजधानी रायपुर स्थित सुंदर नगर कारगिल चौक पर महिला समिति द्वारा आंवला नवमी में विशेष पूजा अर्चना की गई, इस पूजा में मोहल्ले की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, जिसमें विशेष रूप से अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी की पत्नी श्रीमती राखी ऋतुराज सिंह, रायपुर नगर निगम अध्यक्ष श्री प्रमोद दुबे की पत्नी श्रीमती दीप्ति प्रमोद दुबे एवं श्रीमती अल्पना धुरंधर, श्रीमती सुमन चौहान, प्रियंवदा सिंह , शोभा गुप्ता एवं अन्य महिलाएं सम्मिलित रहीं।

क्या है पूजा का महत्व

आंवला नवमी का पर्व हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाता है। इस दिन को लेकर मान्यता है कि आज के दिन आवंला वृक्ष का पूजन करने व दान-पुण्य करने से कभी घर का भंडारा खाली नहीं होता। आंवला नवमी के दिन भगवान विष्णु आंवले के पेड़ पर निवास करते हैं। आंवला नवमी देव उठनी एकादशी से दो दिन पहले मनाई जाती है।

 

 

शास्त्रों के अनुसार, आंवला नवमी के दिन जप-तप व दान करन से कई गुना फल प्राप्त होता है। आज के दिन आंवले के पास बैठकर पूजा करने से सभी पाप मिट जाते हैं।

 

 

शास्त्रों में आंवला, पीपल, वटवृक्ष, शमी, आम और कदम्ब के वृक्षों को हिन्दू धर्म में वर्णित चारों पुरुषार्थ दिलाने वाला बताया गया है। इन वृक्षों की पूजा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा भक्तों पर बरसाते हैं। आंवला नवमी के दिन आंवला वृक्ष का पूजन कई यज्ञों के बराबर शुभ फल देने वाला बताया गया है।

Leave a Reply