कोरोना के इलाज में Remdesivir, Favipiravir के इस्तेमाल पर SC में FIR दर्ज करने की मांग, कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस।

IMG-20210828-WA0014
IMG-20210828-WA0016
IMG-20210828-WA0017
C1FECB16-374E-4F72-88E4-3B97BA9DA4B7
previous arrow
next arrow

सुप्रीम कोर्ट में कोरोनावायरस से फैली महामारी कोविड-19 (Covid-19 treatment) के इलाज में रेमडेसिविर (Remdesivir) और फैविपिराविर (Favipiravir) के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका दाखिल की गई है. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिकाकर्ता एम एल शर्मा ने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की रिपोर्ट कहती है कि इन दोनों दवाओं का कोविड रोगियों पर कोई प्रभाव नहीं है. इस याचिका में भारत की दस दवा निर्माता कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी की गई है.
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर अनुरोध किया गया है कि सीबीआई को कथित रूप से बिना वैध लाइसेंस के कोविड-19 रोगियों का इलाज करने वाली दवाओं के तौर पर रेमडेसिविर और फैविपिराविर के उत्पादन और बिक्री के लिए भारत की दस दवा निर्माता कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया जाना चाहिए. वकील एम एल शर्मा ने शीर्ष अदालत में जनहित याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से वैध लाइसेंस प्राप्त किए बिना कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए दवाओं का उत्पादन किया जा रहा है और इन्हें बेचा जा रहा है।(न्यूज सोर्स-NDTV)

Leave a Reply