छत्तीसगढ़ का पहला अस्पताल जहां रोबोट करेगा करोना संक्रमित मरीजों की सेवा।

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राज्यपाल अनुसुईया उइके ने रव‍िवार को VY अस्पताल में इलाज करा रहे कोविड-19 मरीजों की मदद के लिए विशेष रूप से निर्मित रोबोट ‘भारती’ का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस अवसर राज्यपाल ने कहा कि यह अविष्कार कोविड-19 के इस संकट काल में निश्चित ही क्रांतिकारी और लाभदायक साबित होगा। इससे कोविड-19 का इलाज कर रहे चिकित्सकों को काफी मदद मिलेगी। कभी कभी चिकित्सक कोविड-19 का इलाज करने के दौरान खुद भी संक्रमित हो जाते हैं, जिससे वे बच पाएंगे और वे इलाज प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।

 



राज्यपाल ने इस खोज के लिए स्‍पार वीवाय र‍िसर्च इनीश‍िएट‍िव के युवा वैज्ञानिक आदित्य और वीवाई अस्‍पताल के डायरेक्टर डॉ. पूर्णेन्दू सक्सेना को बधाई दी। उन्होंने डॉ. सक्सेना से कहा कि आप में सेवा भावना है और चिकित्सक होने के साथ-साथ समाज सेवा का कार्य करते हैं। इसी सोच के कारण यह अविष्कार संभव हो पाया है जो कोविड-19 के लिए इलाज के लिए मददगार साबित होगा और हम जल्द ही छत्तीसगढ़ को कोरोना मुक्त कर पाएंगे। इसी रोबोट के माध्यम से राज्यपाल ने वीवाई अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती मरीज से बात की। उन्होंने उसका हाल चाल पूछा और यह भी पूछा कि रोबोट से बात कर के कैसा लग रहा है? मरीज ने कहा कि अच्छा लग रहा है। उन्होंने मरीज को हर हाल में सकारात्मक बने रहने की ह‍िदायत देकर मनोबल बढ़ाया।

डॉ. सक्सेना ने बताया कि हमारा देश इस समय कोविड-19 के संक्रमण से ग्रसित है। कोविड-19 के मरीजों के इलाज के दौरान हमने यह महसूस किया कि ऐसा उपकरण बनाया जाए जो चिकित्सकों और मरीजों की सहायता कर सके। इसे बनाने वाली टीम का नेतृत्व आदित्य करते हैं जो बीआईटी रायपुर के युवा अभियंता है। उनकी टीम में आशीष शर्मा, शुभम साहू और धनंजय पूरी गोस्वामी सहयोगी रहे हैं। इस टीम का मार्गदर्शन वीवाई के मेडिकल डायरेक्टर्स डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना और डॉ आनंद जोशी ने किया। इसके निर्माण में 45 दिन लगे। कोई भी इसे स्मार्ट फोन के माध्यम से इस रोबोट को संचालित कर सकता है।

यह रोबोट मरीज तक पहुंच सकता है। इसके माध्यम से मरीज की डॉक्टर, नर्स या परिजन के साथ सीधी बात हो सकती है। उसकी समस्याओं को समझा जा सकता है। मरीज तक दवा और खाना आदि लाने ले जाने का काम भी इसके माध्यम से संभव है। यह सब बिना संपर्क में आये हो सकता है। इसकी एक विशेषता यह है कि इसके भीतर अल्ट्रा वायोलेट लाइट्स भी फिट होती है। इसलिए इसे इन्फेक्टेड जगहों में रिमोट से संचालित करके भेजकर उस जगह को जीवाणु रहित किया जा सकता है। इस रोबोट की खासियत यह है कि नेटवर्क न होने या अच्छा नेटवर्क न होने के बावजूद डॉक्टर और उनके परिजन वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बात कर सकते हैं।

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